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पॉज़िट्रॉन एमिशन टोमोग्राफी (PET) स्कैन एक आधुनिक इमेजिंग तकनीक है, जिसके माध्यम से शरीर के अंगों और ऊतकों की कार्यप्रणाली की सटीक जानकारी प्राप्त की जाती है। इस प्रक्रिया में मरीज को एक रेडियोधर्मी ट्रेसर का इंजेक्शन दिया जाता है, जो असामान्य या रोगग्रस्त कोशिकाओं में अधिक एकत्र होता है।
एक पीईटी स्कैनर इस ट्रेसर की गतिविधि को पहचानकर प्रभावित क्षेत्रों की स्पष्ट तस्वीर देता है। जब इसे सीटी स्कैन के साथ जोड़ा जाता है, तो शरीर के आंतरिक अंगों की संरचनात्मक और कार्यात्मक दोनों प्रकार की जानकारी मिलती है।
पूर्ण-शरीर PET CT स्कैन क्या होता है?
पूर्ण शरीर PET CT स्कैन में पूरे शरीर के शरीर के सभी अंगों और ऊतकों की सटीक छवियाँ और उनकी कार्यप्रणाली की जानकारी प्राप्त होती है। क्योंकि असामान्य या रोगग्रस्त कोशिकाएँ अधिक रेडियोधर्मी ट्रेसर अवशोषित करती हैं, जिससे इन्हें प्रारंभिक चरण में पहचानना संभव होता है। यह स्कैन कैंसर के निदान, रोग की प्रगति की निगरानी और उपचार के प्रभाव के मूल्यांकन में मदद करता है।
पीईटी स्कैन और सीटी स्कैन में क्या अंतर है?
पीईटी स्कैन और सीटी स्कैन दोनों ही महत्वपूर्ण नैदानिक उपकरण हैं, लेकिन इनके उद्देश्य और कार्य में अंतर है। सीटी स्कैन शरीर के अंगों, हड्डियों और ऊतकों की विस्तृत, स्थिर छवियाँ प्रदान करता है, जबकि पीईटी स्कैन शरीर के ऊतकों की कोशिकीय स्तर पर गतिविधि और कार्यप्रणाली दिखाता है।
एक और अंतर यह है कि सीटी स्कैन के बाद शरीर में कोई रेडिएशन नहीं रहता, जबकि पीईटी स्कैन के बाद थोड़ी मात्रा में रेडिएशन कुछ समय के लिए शरीर में बनी रह सकती है।
डॉक्टर पूरे शरीर का पीईटी सीटी स्कैन क्यों लिखते हैं?
1. कैंसर का जल्दी पहचान
क्योंकि यह स्कैन असामान्य कोशिकीय गतिविधियों की पहचान करके संरचनात्मक बदलाव से पहले ही समस्या का पता लगा लेता है, इसलिए यह कैंसर के शुरुआती लक्षणों को पहचानने के लिए बहुत उपयोगी है।
2. इलाज की प्रभावशीलता की जांच
यह स्कैन रेडिएशन या कीमोथेरेपी उपचार के दौरान यह बताता है कि इलाज का कितना असर हो रहा है।
3. कैंसर स्टेजिंग और रीस्टेजिंग
इस स्कैन की उपयोगिता कैंसर (स्टेजिंग) और इलाज के बाद फिर से बढ़ने की संभावना (रीस्टेजिंग) का पता लगाने में भी मददगार है।
4. मेटास्टेसिस (फैलाव) की जांच
पीईटी स्कैन के माध्यम से यह पता लगाया जा सकता है कि कैंसर शरीर के अन्य अंगों तक फैला है या नहीं।
5. न्यूरोलॉजिकल बीमारियों का निदान
पार्किंसंस, मिर्गी और अल्जाइमर जैसी तंत्रिका संबंधी बीमारियों के निदान और इलाज में भी यह स्कैन सहायक होता है।
6. हृदय रोग की पहचान
इससे हृदय की रक्तप्रवाह समस्या, अवरुद्ध कोरोनरी धमनी या हृदय ऊतक में क्षति का पता चलता है, जिससे सही उपचार योजना बनाना संभव होता है।
7. संक्रमण और सूजन का मूल्यांकन
पुराने संक्रमण या अस्पष्ट सूजन की पहचान करने में भी यह स्कैन मददगार होता है।
8. उच्च जोखिम वाले व्यक्तियों के लिए संपूर्ण जांच
जिन लोगों के परिवार में कैंसर या गंभीर बीमारियों का इतिहास हो, उनके लिए संपूर्ण शरीर का पीईटी सीटी स्कैन समय से बीमारी का पता लगाने और सही इलाज शुरू करने में आवश्यक हो सकता है।
पीईटी स्कैन किन समस्याओं की जांच करता है?
आपका डॉक्टर निम्नलिखित स्वास्थ्य समस्याओं की जांच के लिए पीईटी स्कैन करवाने की सलाह दे सकता है:
कैंसर
जैसे स्तन कैंसर, फेफड़े का कैंसर, थायरॉयड कैंसर और अन्य प्रकार के ट्यूमर।
हृदय रोग
कोरोनरी धमनी रोग, दिल का दौरा, या अन्य हृदय संबंधी विकार।
मस्तिष्क संबंधी विकार
ब्रेन ट्यूमर, मिर्गी, अल्जाइमर, मनोभ्रंश (डिमेंशिया) आदि।
पीईटी स्कैन के दौरान क्या होता है?
इस स्कैन के लिए जब आप अस्पताल या रेडियोलॉजी सेंटर पहुँचते हैं, तो आपको गाउन पहनाया जाएगा। इसके बाद आपके सभी धातु या आभूषण आदि हटा दिए जाते हैं। फिर आपके हाथ या बाँह की नस में एक अंतःशिरा (IV) लाइन डाली जाएगी। आपके रक्त शर्करा के स्तर की जांच के बाद रेडियोधर्मी ट्रेसर इंजेक्ट किया जाएगा।
ट्रेसर शरीर में अच्छी तरह से फैल जाए इसके लिए आपको लगभग 90 मिनट तक आराम से बैठना या लेटना होगा। कुछ मामलों में, कंट्रास्ट डाई भी दी जा सकती है ताकि स्कैन की गुणवत्ता बढ़ सके। स्कैन से पहले आप मूत्राशय खाली कर सकते हैं।
पीईटी स्कैनिंग के दौरान आप सपाट बेड पर लेटेंगे, जो धीरे-धीरे स्कैनर के गोलाकार गह्वर में प्रवेश करेगा। स्कैन के दौरान आपको बिल्कुल स्थिर रहने के लिए कहा जाएगा। यदि आप अकड़न, बेचैनी या असुविधा महसूस करें, तो तुरंत स्टाफ को सूचित करें।
स्कैन में आमतौर पर 20 मिनट से अधिक समय नहीं लगता।
पूरी स्कैनिंग प्रक्रिया के बाद कर्मचारी आपकी छवियों की जाँच करेंगे। परीक्षण के बाद, आपको रेडियोधर्मी ट्रेसर को बाहर निकालने के लिए खूब पानी पीना चाहिए। यदि आप स्तनपान करा रही हैं, तो आपको स्तनपान कब फिर से शुरू करना है, इसके बारे में विशिष्ट निर्देश दिए जाएंगे।
एक विशेषज्ञ स्कैन की जांच करेगा और आपके डॉक्टर के लिए एक रिपोर्ट लिखेगा, जो आपको परिणाम समझाएगा।
संपूर्ण शरीर पीईटी सीटी स्कैन के लाभ
1. सटीक निदान
यह स्कैन शरीर की संरचनात्मक और कार्यात्मक दोनों तरह की जानकारी प्रदान करता है। इससे बीमारी की पहचान और निदान अधिक सही तरीके से किया जा सकता है।
2. गैर-आक्रामक प्रक्रिया
इसमें सर्जरी की आवश्यकता नहीं होती, जिससे यह पूरी तरह सुरक्षित और आसान बन जाता है।
3. बीमारी का जल्दी पता लगना
संरचनात्मक बदलाव होने से पहले ही चयापचय स्तर पर होने वाले महत्वपूर्ण परिवर्तनों का पता चल जाता है, जिससे बीमारी जल्दी पकड़ी जा सकती है।
4. अनुकूलित उपचार योजना
डॉक्टरों को मिलती सटीक जानकारी उन्हें हर मरीज की स्थिति के अनुसार सही और बेहतर इलाज योजना बनाने में मदद करती है।
5. प्रगति की जांच
चाहे कैंसर हो, न्यूरोलॉजिकल समस्या हो या हृदय रोग, पीईटी सीटी स्कैन से इलाज का प्रभाव और बीमारी की बढ़त का पता लगाया जा सकता है।
स्वस्थ तन, स्वस्थ मन!
HOD, एक प्रमुख डायग्नोस्टिक और पैथोलॉजी संसथान है, जिसके दिल्ली-एनसीआर में 11 से अधिक इंटीग्रेटेड सेंटर्स और 200+ ब्लड कलेक्शन सेंटर्स हैं। HOD हर उम्र के लिए उपयुक्त हेल्थ पैकेज प्रदान करता है।
Disclaimer: व्यक्तिगत सलाह और अधिक जानकारी के लिए हमेशा अपने चिकित्सक या योग्य स्वास्थ्य पेशेवर से परामर्श लें।
Sources:
https://cancertimes.org/what-is-a-pet-scan-why-are-cancer-patients-asked-to-have-a-pet-scan
https://pmc.ncbi.nlm.nih.gov/articles/PMC1255942/
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